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Saturday, May 24, 2014

जेल-बेल का खेल छोड़ें केजरी: शाजिया

 शाजिया ने कहा ..... जेल-बेल की राजनीति में लगी है पार्टी
लगातार धरना-प्रदर्शन ठीक नहीं है - शाजिया
* शाजीया ने  सवाल किया कि क्या यह काफी है कि हम बार-बार कुछ कॉर्पोरेट हाउस और नेता का नाम उछालते रहें?

आप की फाउंडर मेंबर रहीं शाजिया ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। शाजिया पार्टी की प्रवक्ता और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य थीं।

 शाजिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दुखी मन के साथ मुझे कहना पड़ रहा है कि जिस आंदोलन और पार्टी के साथ मैं शुरू से जुड़ी थी, उससे नाता तोड़ रही हूं। उन्होंने कहा, 'स्वराज की बात करने वाली पार्टी में आतंरिक लोकतंत्र नहीं हैं, कुछ लोग पार्टी को जकड़े हुए हैं और सारे फैसले वे लोग ही ले रहे हैं। पार्टी में मेरी प्रासंगकिता नहीं रह गई थी, इसलिए मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है।'

 'आप' की नीतियों पर सवाल उठाते हुए शाजिया ने कहा कि सनसनी से पार्टी को शुरू में कुछ फायदा हुआ होगा, लेकिन लगातार धरना-प्रदर्शन ठीक नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह काफी है कि हम बार-बार कुछ कॉर्पोरेट हाउस और नेता का नाम उछालते रहें? शाजिया ने कहा कि पार्टी दिशाहीन हो गई है और जेल-बेल की राजनीति में लग गई है।

  'आप' के संयोजक अरिवंद केजरीवाल के बेल बॉन्ड न भरने से असहमति जताते हुए कहा कि जेल में आत्मचिंतन करने के बजाय उन्हें चौकड़ी से मुक्त होकर लोगों के बीच में जाना चाहिए और आत्ममंथन करना चाहिए

 शाजिया के अलावा और किस-किस ने किया आम आदमी पार्टी से किनारा?

आम आदमी पार्टी और बगावत का यह सिलसिला विनोद कुमार बिन्नी के साथ ही शुरू हुआ था। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के 28 विधायकों की जीत और सरकार गठन के वक्त से ही बिन्नी-केजरीवाल के बीच ठन गई थी। काफी मान-मनौव्वल के बाद मामला कभी बनता तो कभी बिगड़ता दिखाई दिया। अंततः बिन्नी ने भी पार्टी का विरोध करते हुए अपना रास्ता अलग कर लिया...

'आप' की सरकार के दौरान दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती के आधी रात को विदेशी महिलाओं पर छापेमारी के मुद्दे पर विरोध करने वाली मधु भादुड़ी की नाराजगी इसी साल फरवरी महीने में सामने आई। आरोप-प्रत्यारोप के सिलसिले के बाद भादुड़ी ने भी पार्टी से किनारा कर लिया...

उपाध्याय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि जिस विचारधारा को लेकर आम आदमी पार्टी का गठन हुआ था और जिससे आकर्षित होकर तमाम लोग पार्टी से जुड़े थे, वह कहीं खो गई है और आम आदमी खुद को ठगा महसूस कर रहा है।

इससे पहले इसी साल अप्रैल के आखिरी हफ्ते में आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य एवं राष्ट्रीय परिषद के नुमाइंदे अश्विनी उपाध्याय और 2400 अन्य लोगों ने पार्टी छोड़ दी थी।

आम आदमी पार्टी छोड़ने वालों की सूची में दूसरा नाम कैप्टन गोपीनाथ का है। गोपीनाथ ने भी शनिवार को ही पार्टी छोड़ दी।

शाजिया ने पार्टी के अंदर लोकतंत्र के अभाव का आरोप लगाया। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शाजिया ने आरोप लगाया कि पार्टी जिस स्वराज की बात करती है, वह स्वराज पार्टी के अंदर ही लागू नहीं हो पाया है। शाजिया ने अरविंद की जेल और बेल की राजनीति पर भी हमला बोला...

आम आदमी पार्टी को छोड़ने वाले साथियों में सबसे ताजा नाम जुड़ गया है शाजिया इल्मी का। शाजिया पार्टी की संस्थापक सदस्य रही हैं और बावजूद इसके लगातार खुद को नजर अंदाज किए जाने से आहत होकर उन्होंने पार्टी छोड़ दी...

अमेठी से चुनाव लड़ चुके कुमार विश्वास भी पार्टी नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं।

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वो कौन थी ?  
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